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शुक्रवार, जुलाई 31

अनलिखी स्त्रियाँ


अनलिखी स्त्रियाँ
✍️ अनीता सैनी

सबसे कठिन है
उन स्त्रियों को पढ़ पाना
जिन्हें
लिखना नहीं आता।

दुःख का दाग
उनकी ओढ़नी पर नहीं,
आँखों में
रेत की महीन किरच-सा
अटका रहता है।

वे रास्ते नहीं नापतीं,
अपने ही चारों ओर
एक वृत्त रचती हैं।

उसी वृत्त में
उम्र
अपनी एड़ियाँ
धीरे-धीरे घिसती रहती है।

हर सुबह
एक नया दिन जन्म लेता है,
और हर रात
वे किसी अधूरी कविता के भीतर
धीरे-धीरे उतर जाती हैं—

जहाँ
हर दिन वे
एक नए उपन्यास की
अनकही नायिकाएँ होती हैं।

2 टिप्‍पणियां:

  1.  आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों के आनन्द में  सोमवार 10 अगस्त, 2026 को लिंक की जाएगी ....  http://halchalwith5links.blogspot.in  पर आप भी आइएगा ... धन्यवाद!

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