हे ! यीशु ईश्वर की सलोनी संतान को,
मार्ग परमार्थ का पैगंबर बन दिखा,
द्वेष में सुलगे न कमनीय काया मानव की,
मार्ग परमार्थ का पैगंबर बन दिखा,
द्वेष में सुलगे न कमनीय काया मानव की,
शीतल चाँदनी की वर्षा धरा पर करा देना |
बियाबान भूतल पर भ्रम में भटका,
बदहवास बरबस टूट रहा इंसान,
स्नेह की स्निग्ध धार बहा मन की कपट में,
हे ! यीशु प्रबल पुष्प प्रेम के पनपा देना |
मर्म ममता का महके मोहक,
बदहवास बरबस टूट रहा इंसान,
स्नेह की स्निग्ध धार बहा मन की कपट में,
हे ! यीशु प्रबल पुष्प प्रेम के पनपा देना |
मर्म ममता का महके मोहक,
दीप्ति धधके दिलों में दुआ की,
तम का साथी रहे न धरा पर,
हे ! यीशु ऐसी रीत जगत में चला देना |
तम का साथी रहे न धरा पर,
हे ! यीशु ऐसी रीत जगत में चला देना |
प्रभु प्रेम का पवित्र पाठ पढ़ा,
मद मे डूबे मानुष को राह मानवता की दिखा,
बैर-भाव हृदय से मिटा,
हे ! यीशु जग में दीप ज्ञान का प्रज्ज्वलित कर देना |
© अनीता सैनी
© अनीता सैनी

