Powered By Blogger
मेहंदी के मोहक पात लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
मेहंदी के मोहक पात लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, फ़रवरी 21

मेहंदी के मोहक पात



 शुभ्र-लालिमा को लपेटे देह से, 
भटकते दिन का ढलता पहर, 
महताब संग बढ़ते पदचाप, 
 देख जीवन में हर्षायी साँझ।


शरद चाँदनी से उजले हाथों में, 
मेहंदी के मोहक उठाये पात , 
पुलकित हृदय से इठलायी, 
हर्षित फ़ज़ा से झूमी साँझ।

कमल-पँखुड़ियों से कोमल, 
प्रीत रंग के महावर में डूबे पाँव, 
दहलीज़ पर उतर हुई उल्लासित,  
नयन अश्रु से धो मुस्कुरायी साँझ।

©अनीता सैनी