माँ , स्नेह का संसार,
नि:शब्द भावों में झलके,
माँ मौन, माँ मुखर हृदय का उद्गगार |
आँखों में झलकें स्नेह,
माँ, रण में हुँकार,
आस्था में बैठा विश्वास,
माँ, कर्म पथ का विस्तार |
आँखों में झलकें स्नेह,
माँ, रण में हुँकार,
आस्था में बैठा विश्वास,
माँ, कर्म पथ का विस्तार |
नाज़ुक डोर बँधे जीवन की,
माँ, जीवन का सार,
क़दम क़दम पर ढाल बनी,
माँ , दो धारी तलवार |
नारी रूप नारायणी,
माँ, शक्ति का अवतार,
मिथक भ्रम जग ने पाला,
माँ,काली के एक पाँव का संसार |
सृष्टि का कण-कण दाता,
माँ, स्नेह रूप में साकार,
सुकूँ की छाँव मिले जीवन में,
माँ, ममता की बौछार |
- अनीता सैनी
- अनीता सैनी

