गूँगी गुड़िया
अनीता सैनी
बुधवार, फ़रवरी 27
नियति बन महके
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शब्द मधुर हों जनमानस के, दिखा नियति ऐसा कोई करुण हृदय से सींचे प्रीत फूले-फले प्रीत की बेल | प्रज्वलित हो ...
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मंगलवार, फ़रवरी 26
अदम्य साहस
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सपूत को खोकर तिलमिलाया आसमां, आज ख़ुशी के आँसू बहाए , ठंडी हुई हृदय की ज्वाला, आज ...
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रविवार, फ़रवरी 24
स्मृति
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हृदय में करुण रागिनी, साँसें विचलित कर ...
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शुक्रवार, फ़रवरी 22
क़रार
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गुम हुआ क़रार, ज़माने की आबोहवा में, ...
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गुरुवार, फ़रवरी 21
ज़िंदगी मेरी
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वक़्त का मरहम, कभी सुना,आज ज़िंदगी लगा गयी, ...
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मंगलवार, फ़रवरी 19
क्षणिकाएँ
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|| मति || ...
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रविवार, फ़रवरी 17
बोलता ताबूत
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अमन का पैगाम, लहू से लिख दिया, दिए जो ज़ख़्म, ...
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गुरुवार, फ़रवरी 14
पलाश बन खिल जाना
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सजा रही जीवन गुलदस्ता, तुम प्रीत फूल ले आना, ...
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सोमवार, फ़रवरी 11
सत्य अहिंसा का पुजारी
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सत्य-अहिंसा का पुजारी, बना आम इंसान, हक़ अपना बाँट ...
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